तकनीक और सर्विस
वर्कशॉप का प्रबंधन, साइकिल का बाज़ार और रखरखाव: उन लोगों के लिए काम की बातें जो साइकिलें ठीक करते और बेचते हैं।
ई-बाइक मोटर की जाँच: औज़ार और तरीक़ा
ई-बाइक मोटर की जाँच ठीक से: ब्रांड के अपने औज़ार, जाँच के लिए अलग बेंच और ग्राहक के लिए साफ़ रिपोर्ट, जो वारंटी के दावे तेज़ कर देती है।
डिस्क ब्रेक: रखरखाव, ब्लीडिंग और पैड
साइकिल के डिस्क ब्रेक: ख़राबी कैसे पहचानें, DOT या मिनरल हाइड्रोलिक सिस्टम ठीक से कैसे ब्लीड करें, सही पैड कैसे चुनें और ECE-R90 मानक क्या है।
चेन का घिसाव: कब बदलें और यह क्यों मायने रखता है
साइकिल की चेन का घिसाव: इसे नापें कैसे, कब सचमुच बदलनी चाहिए, और यह कैसेट तथा चेनरिंग पर क्या असर डालता है, ख़ासकर ई-बाइक पर।
रोड ट्यूबलेस: मैकेनिकों के लिए फ़िटिंग और उसके पेच
मैकेनिकों के लिए रोड ट्यूबलेस फ़िटिंग: सही क्रम, सीलेंट की मात्रा, हुकलेस रिम के नियम और वे दबाव जो साइकिल को वापस वर्कशॉप नहीं लौटाते।
ई-बाइक की बैटरी लंबी चले (ख़ासकर सर्दियों में)
ई-बाइक की बैटरी कितनी चलती है: सही चार्जिंग की आदतें, सर्दियों में रखरखाव और चार्ज साइकिल की देखभाल, तकनीकी नज़र से।
ई-बाइक का रखरखाव: मोटर, बैटरी और फ़र्मवेयर
ई-बाइक का रखरखाव, काम की भाषा में: मोटर और बैटरी की जाँच, जाँच के औज़ार, और फ़र्मवेयर के अपडेट क्यों मायने रखते हैं।
साइकिल की सर्विस कितनी बार कराएँ (साधारण और ई-बाइक)
साइकिल की सर्विस कितनी बार कराएँ? साधारण साइकिल और ई-बाइक के अंतराल किलोमीटर तथा महीनों में, मुख्य फ़र्क़ और वे संकेत जिन पर ध्यान देना चाहिए।
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